बलरामपुर जिले के हंसपुर गांव में कुसमी SDM और नायब तहसीलदार पर तीन ग्रामीणों के साथ मारपीट का आरोप लगा है। इस घटना में घायल एक ग्रामीण की इलाज के दौरान कुसमी अस्पताल में मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल बताए जा रहे हैं। यह घटना कुसमी थाना क्षेत्र की है।पुलिस जांच में प्रत्यक्षदर्शी साक्षियों के बयान,घटनास्थल निरीक्षण, पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर 4 आरोपियों पर FIR दर्ज की गई है। SDM करूण डहरिया, विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1), 115(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज हुआ है। आरोपी नायब तहसीलदार के खिलाफ FIR नहीं हुई है। बताया गया है कि नायब तहसीलदार पारस शर्मा SDM के साथ जांच के दौरान मौजूद थे, लेकिन मारपीट में शामिल नहीं थे।कांग्रेस ने मामले पर प्रदेश सरकार को घेरा है। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि बलरामपुर में बॉक्साइट खनन के नाम पर खेत की सिंचाई कर लौट रहे ग्रामीणों को प्रशासनिक अधिकारियों ने पीटा।प्रशासन हिंसा और दबाव के जरिए प्रदेश को नियंत्रित कर रहा है। गरीब और आदिवासियों पर लगातार हमले हो रहे हैं।बता दें कि राजस्व टीम हंसपुर में देर रात बक्साइट के अवैध उत्खनन की जांच के लिए पहुंची थी। घायलों ने बताया कि वे गेहूं के खेत में सिंचाई कर लौट रहे थे, तभी उन्हें रोका गया और पीटा गया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।कुसमी में आदिवासी समाज और ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। 24 घंटे में FIR दर्ज नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। मामले में बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चल सकेगा कि ग्रामीण की मौत किन कारणों से हुई है।सुरक्षा बढ़ाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी और कुसमी थाना परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।ब्यूरो रिपोर्ट आरकेडी न्यूज़ बलरामपुर छत्तीसगढ़
