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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में कहा कि महिलाएं समाज की धरोहर हैं। कहते हैं महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो समाज का विकास होगा। साथ ही कहा कि बिरसा मुंडा भगवान ने अंग्रेजों का जीना खराब कर दिया था। अंग्रेजों को सिर्फ बिरसा मुंडा ही दिखते थे। हम बिरसा मुंडा की पीढ़ी हैं।मुर्मू ने कहा कि आदिवासी संस्कृति को मैं पहले भी जीती थी और अब भी जीती हूं, जल, जंगल और जमीन के साथ आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है। हमें आदिवासी संस्कृति को बचाना है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने आदिवासी युवाओं को सम्मानित किया।साथ ही बिरसा मुंडा जयंती के मौके पर वैद्यों और देवस्थलों से जुड़ी योजनाओं का उद्घाटन किया। इन योजनाओं में पहली योजना परंपरागत उपचार करने वाले वैद्यों के लिए है। इसके अलावा, वे 70 साल पहले डॉ. राजेंद्र प्रसाद के गोद लिए गए बच्चे से भी मिलेंगी। 8 महीने में दूसरी बार छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंची हैं।कार्यक्रम में CM साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के घरों तक बिजली पहुंची, बस्तर में नक्सलवाद की कमर टूट गई है। आदिवासियों का विकास हो रहा है। बस्तर के लोगों को राशन मिल रहा है। वहीं राज्यपाल रामेन डेका ने कहा कि बिरसा मुंडा महान वीर थे, जिन्हें आज याद किया जा रहा है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- जनजाति समाज की संस्कृति पर ध्यान देने की जरूरत हैराष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को प्रमोट होने की जरूरत है, क्योंकि यह बेहद खूबसूरत और सुंदर है। ऐसे कार्यक्रमों में मैं जब जाती हूं तो जनजाति परिवार के लोगों से मुलाकात करती हूं। जनजाति महिलाओं से मुलाकात करने पर मुझे अच्छा लगता है।स्थानीय स्तर पर भी जनजाति समाज की संस्कृति और उनके विकास को प्राथमिकता से ध्यान देने की जरूरत है। शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, जंगल, जमीन के साथ आदिवासी संस्कृति को मजबूत करने के लिए काम करने की जरूरत है।राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- छत्तीसगढ़-झारखंड और ओडिशा की दोस्ती बहुत गहरीराष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ की दोस्ती बहुत पुरानी है। छत्तीसगढ़-झारखंड और ओडिशा के जनजाति समाज की विरासत बहुत गहरी है। छत्तीसगढ़ के जनजाति समाज के लोग अपनी संस्कृति और परंपरा को बनाए रखे हुए हैं। इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं।मुर्मू ने कहा कि आदिवासियों को अपनी संस्कृति को जीवित रखना बहुत जरूरी है। मैं भी जनजाति समाज की बेटी हूं। जनजाति परिवार में जन्म लेने पर मुझे बहुत गर्व है। जनजाति समाज की परंपरा को मैं पहले भी जीती थी और अब भी जीती हूं। राष्ट्रपति ने कहा- छत्तीसगढ़-ओडिशा के लोगों में रोटी और बेटी का संबंधराष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि अंबिकापुर में व्यापक स्तर पर 15 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक जनजाति गौरव दिवस मनाया गया है। जनजाति समाज का इस देश में बहुत बड़ा योगदान है।राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि अंबिकापुर से ओडिशा, झारखंड 200 किलोमीटर दूर है। छत्तीसगढ़ ओडिशा से सटा हुआ है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लोगों में रोटी और बेटी का संबंध है। छत्तीसगढ़ के लोग ओडिशा में शादी करते हैं। ओडिशा वाले छत्तीसगढ़ में शादी करते हैं।राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी संस्कृति को मैं पहले भी जीती थी और अब भी जीती हूं। जल, जंगल और जमीन के साथ आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है,राष्ट्रपति मुर्मू बोलीं- हम बिरसा मुंडा की पीढ़ी हैंअंबिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुर्मू ने कहा कि अंग्रेजों को सिर्फ बिरसा मुंडा ही दिखते थे। हम बिरसा मुंडा की पीढ़ी हैं। हमको आदिवासी संस्कृति को बचाना है। राष्ट्रपति मुर्मू ने आदिवासी युवाओं को सम्मानित किया। राष्ट्रपति मूर्मू ने कहा कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों का जीना खराब कर दिया था, आदिवासियों को कदम-कदम मिलाकर चलना होगा। संस्कृति को बचाना होगा। अंबिकापुर में बिरसा मुंडा जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में राज्यपाल रामेन डेका ने कहा कि बिरसा मुंडा महान वीर थे, जिन्हें आज याद किया जा रहा है। सरगुजा में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने आदिवासियों युवाओं को सम्मानित किया।
