
अनूपपुर। पत्रकार एकता मंच अनूपपुर के बैनर तले पत्रकारों की एकता और संघर्ष ने आखिरकार प्रशासन को संवाद के लिए मजबूर कर दिया। सोमवार को जिला मुख्यालय के नर्मदा सभागार में कलेक्टर हर्षल पंचोली और पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान के साथ पत्रकारों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक को जिले की पत्रकारिता के इतिहास में जनसरोकार की जीत और संवाद से समाधान की दिशा के रूप में देखा जा रहा है।
पत्रकारों की एकता बनी बदलाव की ताकत
8 नवंबर को अनूपपुर जिले के पत्रकारों ने न्यू बस स्टैंड स्थित आंदोलन स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ किया था। इस आंदोलन की गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दी प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एसडीएम कमलेश पुरी, एडिशनल एसपी मरकाम, एवं कोतवाली थाना प्रभारी को मौके पर भेजा था। उनकी मध्यस्थता के बाद प्रशासन ने संवाद के लिए बैठक का दिन तय किया, जिसके बादपत्रकारों ने जनहित और सौहार्द को प्राथमिकता देते हुए आंदोलन को स्थगित कर दिया।
पत्रकारों ने रखी अपनी बात-झूठे प्रकरणों पर कार्रवाई की मांग बैठक में पत्रकारों ने वन-टू-वन चर्चा के दौरान अपनी पीड़ा, उत्पीड़न और कार्य के दौरान आने वाली चुनौतियों को खुलकर सामने रखा। उन्होंने कहा-सत्य और निष्पक्ष पत्रकारिता करना अब चुनौती बनचुका है। स्वतंत्र पत्रकारों पर झूठे मुकदमे, धमकियां और नोटिस भेजकर दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर जल्द निराकरण हो।पत्रकारों ने यह भी मांग रखी कि-फर्जी शिकायत करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। कवरेज के दौरान पुलिस द्वारा उत्पीड़न या प्रतिबंध की घटनाओं पर सख्त रोक लगे। स्वतंत्र पत्रकारों को सरकारी कार्यक्रमों में समान अवसर मिले।
कलेक्टर और एसपी का भरोसा-पत्रकार लोकतंत्र की ताकत हैं
बैठक में कलेक्टर हर्षल पंचोली ने स्पष्ट कहा-पत्रकार लोकतंत्र की रीढ़ हैं। आप निष्पक्ष रूप से अपना कार्य करें, प्रशासन आपके साथ है। वहीं एसपी मोती उर रहमान ने कहा-पत्रकारों की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच होगी। किसी को भी डरने की आवश्यकता नहीं है। पत्रकारिता का सम्मान और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जाएगी। दोनों अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि पत्रकारों से जुड़े सभी मामलों पर रिपोर्ट तलब की जा रही है और प्रत्येक प्रकरण पर निष्पक्ष निर्णय जल्द लिया जाएगा। पत्रकार एकता मंच ने जताया आभार-पत्रकार एकता मंच अनूपपुर ने जिला प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा यह बैठक पत्रकारों की एकता और संवाद की जीत है। हम प्रशासन के सहयोग से जनहित में काम जारी रखेंगे।संघर्ष से संवाद की राह-यह बैठक इस बात का प्रतीक बनी कि जब पत्रकार एक मंच पर एकजुट होते हैं, तो उनकी आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता। पत्रकारों का संघर्ष केवल अपने अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि जनता की सच्चाई को निर्भीकता से सामने लाने के अधिकार के लिए है।
