
रामानुजगंज में एक बड़ा प्रशासनिक उल्लंघन सामने आया है, जहां अपर कलेक्टर के स्टे ऑर्डर के बावजूद राजस्व निरीक्षक (RI) ने ज़मीन का ऑनलाइन नामांतरण कर दिया। पीड़ित नवीन कुमार तिवारी का आरोप है कि यह कार्यवाही जानबूझकर और मनमाने तरीके से की गई है, जिससे परिवार के अन्य हिस्सेदार अपने कानूनी अधिकारों से वंचित रह गए हैं।
मामले की जानकारी:नवीन कुमार तिवारी के अनुसार, उनके परिवार की वसीयत से संबंधित संपत्ति पर उनके एक भाई ने नामांतरण के लिए आवेदन किया था। अपर कलेक्टर से स्टे प्राप्त करने के बावजूद, RI ने स्टे ऑर्डर की अवहेलना करते हुए नामांतरण की प्रक्रिया को पूरा कर दिया।
कानूनी उल्लंघन:
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला सीधे तौर पर न्यायिक आदेश की अवमानना (Contempt of Judicial Order) के दायरे में आता है। राजस्व अधिकारी का यह कृत्य निम्नलिखित प्रशासनिक नियमों और कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करता है:- भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 166 (A)- अवमानना अधिनियम, 1971 (Contempt of Courts Act, 1971)- राजस्व संहिता (Revenue Code) के नियम
मांग और आगे की राह:नवीन कुमार तिवारी ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध नामांतरण को तुरंत रद्द किया जाए और जिम्मेदार राजस्व निरीक्षक के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।
सरदार गुरजीत सिंह की रिपोर्ट…
