
राजपुर। इंस्टाग्राम पर रील बनाने से रोकने पर विवाद में पति ने अपने पत्नी को चाकू मारकर मौत के घाट उतारने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।बरियों पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि हिरनराम पिता बंदे राम, पहाड़ी कोरवा, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम अखोराखुर्द, (जवाखाड़), चौकी बरियों में रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी दिनांक 22/10/2025 को अपने घर पर था दोपहर करीब 11.30 बजे गाँव का कुन्दन पहाड़ी कोरवा अपने घर तरफ से दौड़ते हुए आया और बताया कि मेरी पत्नी किरन के छाती में चाकू लग गया है। तब यह अपने साथी रामसाय के साथ कुन्दन को लेकर उसके घर जाकर देखा तो कुन्दन की घरवाली किरन कमरे के अन्दर जमीन पर बिछे बिस्तर के ऊपर पड़ी थी और उसके छाती में बांये तरफ गहरा घाव का निशान दिख रहा था और थोड़ा-थोड़ा खून पानी जैसा निकला था, हाथ को छुकर देखा तो किरन की मृत्यु हो चुकी थी। कुन्दन से पूछा तो बताया कि मेरी घरवाली इंस्टाग्राम से रील बनाकर कहाँ-कहाँ डालते रहती थी, मना करने पर झगड़ा करती थी, कल शाम को भी बहुत झगड़ा कर रही थी, इसलिए कल शाम को मैं घर के बिजली तार को काट दिया था। आज सुबह भाई करमचन्द के घर से नवा खाई त्योहार मनाकर आये तो किरन बिजली तार को जोड़ने के लिए जिद कर झगड़ा करने लगी और सब्जी काटने वाले चाकू को पकड़कर जमीन पर बैठकर धमकाने लगी कि तार को जोड़ो नही तो चाकू को मार लूंगी। फिर रोज-रोज के झगड़ा से तंग आकर मैं पैर से जोर से मारा तो जिस चाकू को अपने छाती पर रखी थी वह उसके छाती में घुस गया। फिर मैं डर से चाकू को उसके छाती से निकाल कर चुल्हा के पास फेंक दिया। तब यह पूरी बात आस पड़ोस के लोगों को घटना के बारे में बताकर रिपोर्ट दर्ज करने आया है।सूचना पर चौकी बरियों में धारा 103 (1) भा.न्यां. सं का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया। विवेचना दौरान बरियों पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण किया गया तथा घटना में प्रयुक्त एक नग चाकू बरामद किया गया है। आरोपी कुन्दन राम को हिरासत में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ किया गया। जो घटना जुर्म कारित करना स्वीकर करने पर आरोपी कुन्दन राम पिता मोतीराम जाति पहाड़ी कोरवा उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम अखोराखुर्द (जवाखाड़) चौकी बरियों गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।प्रकरण की कार्यवाही में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक रविन्द्र प्रताप सिंह, प्रधान आर प्रदीप यादव, प्रधान आरक्षक विजय गुप्ता, आरक्षक जगनाथ केराम, महिला आर सरिता सिंह का विशेष सहयोग रहा।
