
बलरामपुर।जिले के ग्राम भवरमाल निवासी आदिवासी किसान केदार सिंह ने धान बिक्री की राशि नहीं मिलने पर कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। किसान ने आरोप लगाया है कि बैंक प्रबंधन द्वारा खाते को होल्ड कर उसकी मेहनत की कमाई रोक दी गई है, जिससे वह गंभीर बीमारी का इलाज कराने में असमर्थ है।जानकारी के अनुसार केदार सिंह (60 वर्ष), पिता स्व. मेवा सिंह, ग्राम भवरमाल थाना रामानुजगंज के निवासी हैं। वे लकवा एवं किडनी में पथरी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। किसान का कहना है कि उन्होंने खरीफ वर्ष 2025-26 में 38.80 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा था, जिसकी कुल राशि ₹1,20,280 बनती है।किसान के अनुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा रामानुजगंज में उनके खाते से राशि भुगतान रोक दिया गया है। बैंक प्रबंधन द्वारा बताया गया कि वर्ष 2022 का ₹1.92 लाख का ऋण खाते में दर्ज है, जबकि किसान का दावा है कि उन्होंने कभी कोई ऋण नहीं लिया।पीड़ित किसान ने बताया कि इससे पहले भी वर्ष 2025 में इसी मामले को लेकर बैंक प्रबंधन एवं कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत की गई थी, जिसके बाद पिछले वर्ष की धान बिक्री की राशि जारी की गई थी।किसान ने आरोप लगाया कि 29 अप्रैल 2026 को बैंक से राशि निकालने पहुंचे तो एक कर्मचारी द्वारा ₹500 लेकर ₹49 हजार देने की बात कही गई, लेकिन बाद में खाता होल्ड बताकर भुगतान से मना कर दिया गया। किसान का आरोप है कि न तो राशि दी गई और न ही लिए गए ₹500 वापस किए गए।कलेक्टर को सौंपे आवेदन में किसान ने मामले की जांच कर धान बिक्री की बकाया राशि जल्द दिलाने की मांग की है, ताकि वह अपना इलाज करा सके।
संवाददाता आनंद ठाकुर की रिपोर्ट…
