

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पुलिस अभिरक्षा में युवक की मौत मामले में आईजी ने बड़ा एक्शन लिया है। सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा ने साइबर सेल निरीक्षक समेत 4 पुलिसकर्मियों को आईजी ने लाइन अटैच कर दिया है।दरअसल, 3 दिन पहले उमेश नाम के एक युवक को बलरामपुर पुलिस ने चोरी के मामले को लेकर हिरासत में लिया था। इस दौरान संदिग्ध परिस्थियों में उसकी मौत हो गई थी। पुलिस इसे कभी सिकलिंग से मौत तो कभी हार्टअटैक से मौत बता रही थी। इधर परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। साथ ही 3 दिन बीत जाने के बाद भी परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है।परिजनों ने शव के पोस्टमॉर्टम की दोबारा मांग करते हुए थाने में हंगामा किया तो पुलिस ने इन पर लाठी चार्ज कर दिया था। मांगों पर कोई पहल नहीं होते देख परिजनों ने मंगलवार को आईजी बंगले का घेराव किया था। परिजनों ने सड़क पर बैठकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अब इस मामले में जांच के बाद आईजी ने साइबर सेल के निरीक्षक समेत 4 पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है।
युवक की मौत किस स्थिति में हुई?
युवक उमेश की मौत पुलिस अभिरक्षा में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी।
आईजी ने क्या कार्रवाई की है?
आईजी दीपक कुमार झा ने जांच के बाद साइबर सेल निरीक्षक समेत 4 पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया है।
परिजनों की क्या मांग थी?
परिजनों ने पोस्टमॉर्टम दोबारा कराने की मांग की और पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया।
क्या कहा अमरजीत भगत ने?
