
दिनांक: 08/11/2025बिश्रामपुर (छत्तीसगढ़)। कोयला उत्पादन में 75% की अहम हिस्सेदारी रखने वाले ठेका श्रमिकों को दीपावली का बोनस न मिलने से एसईसीएल (SECL) बिश्रामपुर क्षेत्र में बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है। संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) के नेतृत्व में आक्रोशित ठेका मज़दूरों ने आज महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष जोरदार धरना प्रदर्शन किया और प्रबंधन पर जानबूझकर बोनस लंबित करने का गंभीर आरोप लगाया है। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि कोल इंडिया (CIL) प्रबंधन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, क्षेत्रीय प्रबंधन ठेका मज़दूरों के बोनस भुगतान में मनमानी कर रहा है। संघ ने दावा किया कि हड़बड़ी में गायत्री भूमिगत खदान के श्रमिकों को आधा-अधूरा बोनस दिया गया है, जबकि करीब ₹6,50,000/- का बोनस अभी भी बकाया है। वहीं, केतकी खदान में बोनस का भुगतान अभी तक शुरू ही नहीं हो पाया है।
चेयरमैन के निर्देश की अनदेखी: अजय विश्वकर्मामुख्य वक्ता का० अजय विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय प्रबंधन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ठेका मज़दूरों को अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चेयरमैन ने स्वयं एसईसीएल का दौरा कर समय पर बोनस भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था, लेकिन क्षेत्रीय प्रबंधन न केवल देरी कर रहा है, बल्कि उच्च प्रबंधन को भी धोखे में रख रहा है। का० विश्वकर्मा ने ठेकेदारों द्वारा बिना भुगतान किए ही प्रबंधन से बोनस राशि का इनकैशमेंट करा लेने की शिकायतों को जांच का विषय बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोल इंडिया का निर्देश है कि ₹21,000/- से अधिक मासिक वेतन और 30 दिन की वार्षिक उपस्थिति वाले सभी कर्मचारियों को पीएलआई (बोनस) का भुगतान किया जाना चाहिए।
3 दिन का अल्टीमेटम: क्रमिक भूख हड़ताल की चेतावनीक्षेत्रीय सचिव पंकज कुमार गर्ग ने प्रबंधन को सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि “अगर 3 दिन के अंदर बिश्रामपुर क्षेत्र के सभी ठेका श्रमिकों को बोनस का भुगतान नहीं किया जाता है, तो संघ के नेतृत्व में ठेका श्रमिक क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।” आंदोलन में का० धर्मजीत सिंह, मुरलीसिंह, सोमार साय सहित संघ के पदाधिकारी का० आरके द्विवेदी, सजल मित्रा और सलमान खान ने भी सभा को संबोधित किया और श्रमिकों के साथ एकजुटता दिखाई।
सरदार गुरजीत सिंह की रिपोर्ट सूरजपुर छत्तीसगढ़
